14 October, 2017

दीप की वर्तिका

दीप की वर्तिका जगमगाती रहे
ज्योति हर पल अँधेरे भगाती रहे
स्नेह भर-भर जालाओ दिये इस तरह
रोशनी व्योम में खिलखिलाती रहे

-डॉ० जगदीश व्योम

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