05 February, 2019

काफिला निकल पड़ा है

अक्षर की ईंटों से रक्खें
शब्दों की बुनियाद
काफिला निकल पड़ा है
काफिला.......

वर्णों को जाने-पहचाने
बुने शब्द के ताने-बाने
वाक्य बनाकर पढ़ें कहानी
कविता कर लें याद
काफिला निकल पड़ा है
काफिला........

छुट्टी में स्कूल चलेंगे
रोज सीखकर कुछ निकलेंगे
खेल-खेल में रोज करेंगे
पढ़ने का अभ्यास
काफिला निकल पड़ा है
काफिला.......

मम्मी आप गाँव मत जाना
थोड़ा पापा को समझाना
नानी को दिल्ली बुलवा लो
बस इत्ती सी बात
काफिला निकल पड़ा है
काफिला.......

मुझको पढ़ना आ जायेगा
भैया नहीं चिढ़ा पायेगा
मम्मी के सँग किया करूँगी
मैं भी फिर संवाद
काफिला निकल पड़ा है
काफिला.......

मम्मी-पापा संग हमारे
विद्यालय अब प्यारे-प्यारे
साथ हमारे खड़ी
आप की दिल्ली की सरकार
काफिला निकल पड़ा है
काफिला.......

घर से विद्यालय आयेंगे
ज्ञान-पंख हम पा जायेंगे
इन पंखों से उड़ें व्योम तक
छूने को आकाश
काफिला निकल पड़ा है
काफिला.......

-डा० जगदीश व्योम

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