30 July, 2017

मुगलों के अत्याचार

मुगलों के अत्याचार हो गये थे बेसुमार
आर्यों की होने वाली खतम कहानी थी
अपने ही घर में बने हुये थे पंगु सभी
होते देख क्रूर कृत्य पशुता लजानी थी
हुलसी के लाल तुलसी ने देख हूक भरी
अब ना नसैहौं जैसे अब लौं नसानी थी
दाँतन के बीच जीभ के समान रहके भी
धन्य धन्य तुलसी रामायन बखानी थी।

-डा० जगदीश व्योम

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