माँ कबीर की साखी जैसीतुलसी की चौपाई-सी
माँ मीरा की पदावली-सी
माँ है ललित रुबाई-सी
माँ वेदों की मूल चेतना
माँ गीता की वाणी-सी
माँ त्रिपिटिक के सिद्ध सुत्त-सी
लोकोक्तर कल्याणी-सी
माँ द्वारे की तुलसी जैसी
माँ बरगद की छाया-सी
माँ कविता की सहज वेदना
महाकाव्य की काया-सी
माँ अषाढ़ की पहली वर्षा
सावन की पुरवाई-सी
माँ बसन्त की सुरभि सरीखी
बगिया की अमराई-सी
माँ यमुना की स्याम लहर-सी
रेवा की गहराई-सी
माँ गंगा की निर्मल धारा
गोमुख की ऊँचाई-सी
माँ ममता का मानसरोवर
हिमगिरि सा विश्वास है
माँ श्रृद्धा की आदि शक्ति-सी
कावा है कैलाश है
माँ धरती की हरी दूब-सी
माँ केशर की क्यारी है
पूरी सृष्टि निछावर जिस पर
माँ की छवि ही न्यारी है
माँ धरती के धैर्य सरीखी
माँ ममता की खान है
माँ की उपमा केवल माँ है
माँ सचमुच भगवान है
-डॉ० जगदीश व्योम
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दैनिक जागरण ने मातृ दिवस पर माँ के ऊपर लिखी गई सर्वश्रेष्ठ कविताओं के चुने हुए अंश देश भर के अपने सभी संस्करणों में प्रकाशित किये..... एक झलक....... इन रचनाकारों की कविताएँ हैं-
[सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला, सर्वेश्वर दयाल सक्सेना, अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध, मुनब्बर राना, चन्द्रकान्त देवताले, कुँअर बेचैन, डा० जगदीश व्योम, निदा फाजली, सुभद्रा कुमारी चौहान, मैथिलीशरण गुप्त, अशोक वाजपेयी, विष्णु नागर]

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